नोएडा में नए साल से पेट्रोल-डीजल डिलीवरी वाहनों पर लगेगी रोक
नोएडा शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। 1 जनवरी 2026 से, ई-कॉमर्स कंपनियों और फूड डिलीवरी एग्रीगेटर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल से चलने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों के संचालन पर पूर्णतः रोक लगा दी जाएगी। यह निर्णय कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग (सीएक्यूएम) के आदेशों के तहत लिया गया है, जिसका पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने बेड़े को जल्द से जल्द इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों से बदलें। वर्तमान में, नोएडा शहर में ई-कॉमर्स और एग्रीगेटर सेवाओं के लिए 50 हजार से अधिक दोपहिया और तीन हजार से अधिक चारपहिया डीजल व पेट्रोल वाहन संचालित हो रहे हैं। इन वाहनों की बड़ी संख्या शहर की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती है। अब, 3.5 टन तक का वजन ढोने वाले सभी वाणिज्यिक वाहनों को केवल इलेक्ट्रिक या सीएनजी ईंधन पर ही संचालित करने की अनुमति होगी।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने बताया कि सीएक्यूएम के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। कंपनियों को 1 जनवरी तक का समय दिया गया है ताकि वे आवश्यक बदलाव कर सकें। इसके बाद, यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो फूड डिलीवरी और अन्य सामानों की डिलीवरी करने वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करना और नागरिकों के लिए एक स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
