नोएडा का सेक्टर 116 बना सबसे जहरीला, AQI 700 पार, सांस लेना हुआ दूभर
नोएडा में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, खासकर सेक्टर 116 में, जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 712 को पार कर गया है। इस जहरीली हवा में सांस लेना आम लोगों के लिए दूभर हो गया है। निवासियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहनों से निकलने वाला धुआं और औद्योगिक उत्सर्जन शामिल हैं। हालांकि, हाल के दिनों में सेक्टर 168 स्थित एक डंपिंग यार्ड में लगातार कूड़ा जलाने की घटनाओं ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। पिछले करीब एक हफ्ते से सनवर्ल्ड एरिस्टा के पास डंपिंग यार्ड में कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है, जिससे उठने वाला धुआं पूरे इलाके में फैल रहा है।
लगातार धुएं के कारण सेक्टर 168 का AQI 712 से भी ऊपर चला गया है। इस कारण लोगों को घरों से निकलने से पहले ही एयर क्वालिटी इंडेक्स पर नजर रखनी पड़ रही है। कूड़े में आग लगने की शिकायतों के बाद, स्वास्थ्य निरीक्षक ने रविवार को डंपिंग यार्ड के पास के इलाके का निरीक्षण किया।
स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि डंपिंग यार्ड होने के कारण रोजाना यहां कूड़ा फेंका जाता है और अक्सर कोई न कोई कूड़े के ढेर में आग लगा देता है। इससे दिन भर धुएं का गुबार उठता रहता है। धुएं की वजह से लोग बिना मास्क के बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और अभिभावकों ने अपने बच्चों को पार्क में खेलने से भी मना कर दिया है।
सोसाइटी में रहने वाले हरीश कपूर ने बताया, ‘हफ्ते में दो से तीन बार कचरे से आग की लपटें उठती हैं, जिससे धुआं उठता है। कभी-कभी आग इतनी तेज हो जाती है कि फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ता है।’ सनवर्ल्ड एरिस्टा सोसाइटी की निवासी शैफाली भसीन ने कहा, ‘सेक्टर का AQI 712 पर बना हुआ है। खुली हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है। डंपिंग यार्ड से दिन भर बदबू आती रहती है। आग के धुएं से दम घुट रहा है।’
पारस सीज़न सोसाइटी के निवासी गणेश पांडे ने बताया, ‘पार्क में घूमना मुश्किल हो गया है। धुएँ और बदबू से दिन भर परेशानी होती है। अधिकारियों से कई शिकायतों के बाद, एक स्वास्थ्य निरीक्षक ने जाँच की है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कचरे के ढेर से कभी-कभी इतनी तेज आग की लपटें उठती हैं कि डर लगता है। धुएँ ने सोसाइटी के आस-पास के इलाके को धुएँ से भर दिया है। दरवाज़े खोलना मुश्किल हो गया है।’
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और इस समस्या से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों की मांग है कि इस डंपिंग यार्ड को जल्द से जल्द हटाया जाए और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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