पूर्णिया के युवाओं के लिए सांसद पप्पू यादव की बड़ी मांग, केंद्रीय मंत्री से मिलकर Purnia Skill Center का प्रस्ताव सौंपा
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र में एक अत्याधुनिक पूर्णिया इंटरनेशनल स्किल सेंटर स्थापित करने का ठोस प्रस्ताव सौंपा, जिसका उद्देश्य कोसी-सीमांचल और पूर्वोत्तर बिहार के लाखों युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस कर वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। यह पहल क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद जगा सकती है।
सांसद पप्पू यादव ने अपने ज्ञापन में बताया कि पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी युवा वर्ग की है, लेकिन आधुनिक कौशल प्रशिक्षण संरचनाओं के अभाव में यह ऊर्जा और प्रतिभा पलायन का शिकार हो रही है। बिहार, नेपाल और उत्तर-पूर्व भारत के बीच रणनीतिक रूप से स्थित होने के बावजूद, यह क्षेत्र आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्किल इंफ्रास्ट्रक्चर से वंचित है। यहां के मेहनती युवा अवसरों की कमी के कारण दिल्ली, मुंबई, पंजाब और खाड़ी देशों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
आधुनिक कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता
सांसद ने कहा कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार सहित पूरा कोसी-सीमांचल कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और घरेलू उद्योगों की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। उभरती एयर कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल इसे पूर्वी भारत का सबसे संभावनाशील स्किल-इकोनॉमी जोन बनाता है। ऐसे में यदि यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाए, तो यह क्षेत्र न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए कुशल मानव संसाधन का हब बन सकता है।
प्रस्तावित इंटरनेशनल स्किल सेंटर के पाठ्यक्रम
पप्पू यादव ने पूर्णिया इंटरनेशनल स्किल सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आईटी, एविएशन और एयरपोर्ट ऑपरेशन, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर असिस्टेंट, एग्री-टेक एवं फूड प्रोसेसिंग, सोलर एवं ग्रीन एनर्जी टेक्नीशियन, साथ ही विदेशी भाषा प्रशिक्षण (जैसे अरबी, जापानी, फ्रेंच) जैसे कोर्स संचालित करने का प्रस्ताव रखा। यह सेंटर पूर्वोत्तर बिहार का पहला उन्नत बहु-क्षेत्रीय कौशल संस्थान होगा, जो युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगा।
ड्रोन कृषि और उद्यमिता पर जोर
मुलाकात के दौरान स्किल रेजोल्यूशन 2026 के तहत ड्रोन आधारित कृषि, सक्षम कौशल प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना विकास पर भी गहन चर्चा हुई। सांसद ने बताया कि पूर्णिया में ड्रोन कृषि के प्रयोग से मात्र 6 मिनट में एक एकड़ में स्प्रे, फसल स्वास्थ्य की निगरानी और लागत में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी संभव है। उन्होंने ‘ड्रोन शक्ति’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों के तहत अप्रेंटिसशिप को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि युवा स्वयं उद्यमी बन सकें।
150 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग
सांसद पप्पू यादव ने मंत्रालय से अनुरोध किया कि स्किल रेजोल्यूशन 2026 के अनुरूप पूर्णिया के लिए 150 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया जाए। इस पैकेज के अंतर्गत 10 आधारभूत प्रशिक्षण केंद्र, 2,000 ड्रोन पैकेज (प्रशिक्षण सहित) तथा बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के साथ अभिसरण स्थापित करने की योजना है। इससे 5,000 से अधिक युवाओं, विशेषकर महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अनुमोदित रिमोट पायलट ट्रेनिंग मिल सकेगी और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र बार-बार बाढ़, भारी पलायन, सीमावर्ती चुनौतियों और आर्थिक पिछड़ेपन से जूझता रहा है, ऐसे में इस परियोजना को राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले जिलों के मॉडल के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।
