पीजीआई में दवा चोरी का खुलासा: आउटसोर्सिंग कर्मी CCTV में कैद, पुलिस जांच जारी
पीजीआई (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट) में मरीजों के इलाज के लिए आई महंगी दवाएं और इंजेक्शन चोरी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी को सीसीटीवी कैमरे में दवाएं चुराते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया है। यह घटना संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, क्योंकि चोरी की गई दवाएं सीधे मरीजों के जीवन से जुड़ी थीं।
सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आरोपी कर्मचारी, दुर्गेश, मरीजों तक दवाएं पहुंचाने के बजाय उन्हें रास्ते में छिपा रहा था। संस्थान के सुरक्षा अधिकारी डीके पांडेय ने बताया कि दुर्गेश को एचआरएफ विभाग में आउटसोर्सिंग पर तैनात किया गया था और वह वार्डों के लिए भेजे गए इंजेक्शन और दवाओं को छिपा रहा था। यह घटना मंगलवार को ईएमआरटीसी विभाग के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिले इंजेक्शन के डिब्बों के बाद हुई है, जिससे संस्थान में दवा चोरी के रैकेट की आशंका बढ़ गई है।
संस्थान प्रशासन ने आरोपी दुर्गेश के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। सुरक्षा अधिकारी की तहरीर पर दुर्गेश और एक अन्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी अभय सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की गई दवाओं और इंजेक्शन को कहां बेचा जाता था। इस पूरी घटना से मरीजों को समय पर दवाएं न मिलने का खतरा बढ़ गया था, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।
