सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के आचरण पर लगाई फटकार, स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश | national politics
राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और न्यायिक प्रक्रिया के बीच तनातनी के एक अहम घटनाक्रम में, सुप्रीम कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आचरण पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के बर्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें अपने आचरण के संबंध में अदालत को स्पष्टीकरण देना होगा। अदालत ने दो टूक शब्दों में यह भी कहा कि न्यायपालिका पर दबाव बनाने या डराने-धमकाने के प्रयास किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं और ऐसी कोशिशों का कोई असर नहीं पड़ता।
यह पूरा विवाद चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदान से जुड़े मुद्दों के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा निकाले गए मार्च से उपजा है। इस मार्च और उसके दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इस मामले को पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ने का निर्देश दिया है, ताकि सभी पहलुओं पर समग्रता से विचार किया जा सके।
सुनवाई के दौरान अदालत में वकीलों की ओर से मार्च और उसके बाद की घटनाओं का जिक्र किया गया, जिस पर पीठ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सर्वोपरि बताते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि बाहरी बयानों और राजनीतिक गतिविधियों का न्यायिक कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ता। इसके साथ ही, प्रदर्शन से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
