राहुल गांधी द्वारा ‘शेरनी’ कही गईं रितु बराला और अतीरा कौन हैं? | national politics
राजनीतिक गलियारों में इन दिनों छात्र संगठन एनएसयूआई की दो युवा नेत्रियों के तेवर चर्चा का विषय बने हुए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में मीडिया के सामने आकर दिल्ली पुलिस की कथित ज्यादतियों का मुद्दा उठाया था, तो उनके साथ रितु बराला और अतीरा भी मौजूद थीं। इन दोनों के मुखर अंदाज को देखकर राहुल गांधी ने इन्हें सार्वजनिक रूप से ‘शेरनी’ कहकर संबोधित किया, जिसके बाद से दोनों राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गईं।
राजस्थान से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक रितु का सफर
राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक साधारण परिवार से आने वाली रितु बराला के परिवार का राजनीति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। उनके पिता खेती और बिजनेस से जुड़े हैं जबकि मां गृहिणी हैं। रितु ने साल 2016 में जयपुर के महारानी कॉलेज से छात्र राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी में भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा। छात्र राजनीति के लंबे सफर के बाद उन्हें संगठन में राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्तमान में वह राजस्थान यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी भी कर रही हैं।
केरल से दिल्ली तक अतीरा का संघर्ष
दूसरी नेत्री अतीरा दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखती हैं। वर्तमान में वह दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्टी से एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं। दक्षिण भारत की वैचारिक और राजनीतिक जमीन से निकलकर दिल्ली के छात्र आंदोलनों की कमान संभालने वाली अतीरा हर मोर्चे पर डटकर मुकाबला कर रही हैं। रितु और अतीरा की यह जोड़ी उत्तर और दक्षिण भारत का एक मजबूत मेल मानी जा रही है, जो वर्तमान में राजनीतिक हलकों में खासी सक्रिय है।
पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप
इन नेत्रियों ने हाल ही में ‘दिल्ली चलो’ मार्च के दौरान पुलिस पर गंभीर बर्बरता के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इस घटना के सामने आने के बाद से विपक्षी दल सरकार और पुलिस प्रशासन पर हमलावर हैं, जिससे देश की राजधानी में सियासी पारा चढ़ गया है। ऐसे मामलों से युवाओं और छात्रों के बीच अधिकारों की लड़ाई का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय केंद्र में आ गया है, जिसका सीधा असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
