FCRA विधेयक पर मायावती का विपक्ष पर हमला, Gen Z वोट को बताया मुद्दा
लोकसभा में एफसीआरए 2026 विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजे जाने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने आरोप लगाया कि विपक्ष ‘जेन-जी’ (Gen Z) के वोटों के स्वार्थ में देश के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पास कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इसे जेपीसी को भेजना पड़ा।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस बिल को अल्पसंख्यक विरोधी बता रहे हैं, जबकि सरकार इसे विदेश से मिलने वाले फंड में कथित भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े बदलाव करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष दोनों ने ही इस बिल का राजनीतिकरण कर दिया है।
विपक्ष को नसीहत देते हुए मायावती ने कहा कि यदि विपक्ष ने विधेयक पेश करते समय संसद को चलने दिया होता और इसकी कमियों को उजागर किया होता, तो देश उन्हें जानता। लेकिन विपक्ष ने अपनी जिद के कारण संसद को चलने ही नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के संसद न चलने देने के कारण सरकार ने कई अन्य विधेयकों को भी मिनटों में पास करा लिया, जिन्हें रोकना चाहिए था। मायावती ने इसे विपक्ष की अंदरूनी मिलीभगत या जेन-जी के वोटों के स्वार्थ से जोड़ा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी संसद में उठाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसे भी राजनीतिक स्वार्थ के चलते पीछे धकेल दिया। मायावती ने जनता से अपील की कि वह सत्ता और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक स्वार्थ की लड़ाई से सचेत रहे और ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों पर चलने वाली अम्बेडकरवादी बहुजन समाज पार्टी का समर्थन करे।
इस घटनाक्रम का सीधा असर आम जनता पर यह पड़ता है कि महत्वपूर्ण विधायी प्रक्रियाएं राजनीतिक खींचतान के कारण बाधित होती हैं, जिससे जनहित के मुद्दों पर प्रभावी चर्चा और समाधान में देरी हो सकती है।
