Lucknow news: LPG संकट ने रोके भंडारे, आयोजक बोले- अनाज नहीं, सिलेंडर दान करें
लखनऊ में एलपीजी गैस की किल्लत अब धार्मिक आस्था पर भी भारी पड़ने लगी है। नवरात्रों में इस बार भोजन सामग्री के बजाय गैस सिलेंडर की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ रही है। आयोजक अब श्रद्धालुओं से आटा-चावल नहीं, बल्कि सिलेंडर दान में देने की अपील कर रहे हैं। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी और घरेलू सिलेंडर की सीमित आपूर्ति के कारण भंडारे की तैयारी ठप पड़ती दिख रही है।
बंथरा और आसपास के क्षेत्रों में हर साल बड़े पैमाने पर भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जहां हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। एक आयोजन में चार से पांच सिलेंडर की जरूरत होती है, लेकिन इस बार एक भी सिलेंडर जुटाना चुनौती बन गया है। आयोजकों के सामने सबसे बड़ी समस्या भोजन तैयार करने की है।
पांच से दस क्विंटल आटे की पूड़ियां, कई भगोनों में सब्जी, चना और हलवा बनाना बिना गैस के संभव नहीं है। मजबूरी में कई जगह लकड़ी की भट्ठी पर प्रसाद बनाया जा रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों बढ़ रहे हैं। आयोजक प्रदीप यादव के मुताबिक, श्रीमद् भागवत कथा के दौरान सिलेंडर की भारी कमी है। श्रद्धालुओं से गैस सिलेंडर दान करने की अपील की गई, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका है।
आपूर्ति विभाग के अनुसार शहर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का बैकलॉग 1.60 लाख पहुंच चुका है। इसमें सिर्फ इंडेन का ही 1 लाख 4 हजार बैकलॉग है। गैस एजेंसियों के अनुसार उनके पास हॉकर की संख्या सीमित है, ऐसे में एक ही दिन में सभी जगह सिलेंडर पहुंचाना संभव नहीं है। बुकिंग लगातार हो रही है, लेकिन आपूर्ति में देरी से बैकलॉग बढ़ता जा रहा है।
एजेंसी संचालकों की बात तेल कंपनियों के बुकिंग नंबर और ऑनलाइन ऐप भी पुख्ता कर रहे हैं। इंडेन की मोबाइल ऐप पर बुकिंग के भारी दबाव की वजह से असुविधा का संदेश आ रहा था। कुछ एजेंसियों के बुकिंग नंबर पर कॉल करने पर नंबर मौजूद नहीं होने के संदेश सुनाई दे रहे थे। एजेंसी संचालकों ने बताया कि यदि बुकिंग में गिरावट आए तो बैकलॉग धीरे-धीरे कम होने लगेगा, लेकिन फिलहाल ज्यादातर जगहों पर सात दिन या इससे ज्यादा का बैकलॉग चल रहा है।
