लखनऊ: बस और ई-रिक्शा के जाम से शहर बेहाल, लाखों लोग परेशान
लखनऊ शहर में तीन प्रमुख बस अड्डों के आसपास रोडवेज बसों और ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन के कारण भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कैसरबाग, आलमबाग और कमता स्थित अवध बस स्टेशन के बाहर बसें सड़क पर खड़ी हो जाती हैं, जिन्हें ई-रिक्शा चालक घेर लेते हैं। इससे यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है और घंटों जाम लगा रहता है।
बस अड्डों पर पार्किंग की समस्या
आलमबाग बस अड्डे पर बसों के लिए पर्याप्त पार्किंग की सुविधा होने के बावजूद चालक सड़क पर ही बसें खड़ी करते हैं। कैसरबाग और अवध बस स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा न होने से समस्या और बढ़ जाती है। रोडवेज प्रबंधन ने पार्किंग बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ई-रिक्शा पर प्रतिबंध के बावजूद संचालन
यातायात विभाग द्वारा लखनऊ के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद, आलमबाग, कैसरबाग और अयोध्या रोड पर ई-रिक्शा बेखौफ चल रहे हैं। बस अड्डों के पास ये ई-रिक्शा बसें आने का इंतजार करते हैं और बस के पहुंचते ही सड़क पर घेर लेते हैं, जिससे जाम लग जाता है। इस समस्या से रोज लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
अधिकारियों की निष्क्रियता
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय ने स्वीकार किया है कि ई-रिक्शा के कारण जाम लग रहा है और मुख्य मार्गों पर इनका संचालन प्रतिबंधित है। उन्होंने सड़क पर बसें खड़ी करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है और तीनों बस अड्डों के आसपास टीआई की तैनाती की बात कही है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि समस्या जस की तस बनी हुई है।
