लखनऊ में DM के सामने फूट-फूटकर रोई छात्रा, ‘फीस नहीं भरी तो कैसे दूंगी बोर्ड परीक्षा’; DM ने तुरंत की मदद
लखनऊ कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में सोमवार को एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। शंकरपुरवा की रहने वाली श्वेता मौर्या अपनी बेटी के साथ जिलाधिकारी विशाख जी से मिलने पहुंचीं। मां ने बताया कि बेटी की बोर्ड परीक्षा नजदीक है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण फीस जमा नहीं हो पाई है। इससे पहले कि डीएम कुछ कहते, छात्रा फफक पड़ी और बोली, “अंकल, पापा की पिछले साल ही मौत हो गई है। हम किराए के मकान में रहते हैं।”
यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। श्वेता के पति की 2025 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, जिसके बाद तीन बेटियों की जिम्मेदारी श्वेता पर आ गई। परिवार के पास रहने के लिए अपना घर भी नहीं था।
डीएम विशाख जी ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फोन किया और निर्देश दिया कि छात्रा को बिना किसी रुकावट के बोर्ड परीक्षा में बैठने दिया जाए। उन्होंने तत्काल प्रवेश पत्र जारी करने का आदेश दिया।
इसके अलावा, डीएम ने परिवार की स्थायी मदद के लिए भी कदम उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.5 लाख रुपये भवन निर्माण के लिए जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही श्वेता मौर्य को निराश्रित महिला पेंशन और उनकी दो छोटी बेटियों को बाल सेवा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कराई, ताकि उनकी पढ़ाई भविष्य में कभी न रुके। यह घटना लखनऊ news में चर्चा काफ़ी चर्चा का विषय बन गई।
