Lakshmi Mittal father मोहन लाल मित्तल का निधन, 99 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
दुनिया के दिग्गज उद्योगपति और ArcelorMittal के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन लक्ष्मी निवास मित्तल के पिता मोहन लाल मित्तल का गुरुवार को लंदन में निधन हो गया। वह 99 वर्ष के थे और अपने 100वें जन्मदिन से कुछ महीने दूर थे। परिवार के अनुसार, उन्होंने अपनों के बीच अंतिम सांस ली। मोहन लाल मित्तल ने ही मित्तल परिवार के वैश्विक व्यावसायिक साम्राज्य की नींव रखी थी।
लक्ष्मी मित्तल ने एक बयान में कहा कि उनके पिता का जन्म राजस्थान के एक छोटे से गांव राजगढ़ (चूरू जिला) में एक साधारण और धार्मिक परिवार में हुआ था। आस्था, अनुशासन और कड़ी मेहनत उनके जीवन के मूल मूल्य रहे। यही मूल्य आगे चलकर उनके परिवार और व्यवसाय की नींव बने। मोहन लाल मित्तल स्वभाव से ही उद्यमी थे और उनका दृष्टिकोण अपने समय से काफी आगे था।
लक्ष्मी मित्तल के अनुसार, उनके पिता हमेशा जोखिम लेने, साहसिक फैसले करने और सुरक्षित दायरे से बाहर सोचने के लिए प्रेरित करते थे। जीवन के अंतिम दिनों तक उनकी मानसिक दृढ़ता बनी रही और वे व्यवसाय से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देते रहे। ArcelorMittal की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वे ईमानदारी, उद्देश्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ व्यवसाय खड़ा करने में विश्वास रखते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मोहन लाल मित्तल जी ने उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई और भारतीय संस्कृति से गहरा लगाव रखा। उन्होंने समाज के लिए अनेक परोपकारी प्रयासों का समर्थन किया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने एक मजबूत व्यावसायिक विरासत की नींव रखी, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
