लखीमपुर रोडवेज बसों को हरिद्वार में समय नहीं, आय आधी, अभद्रता का आरोप; UP transport crisis
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर और गोला डिपो की रोडवेज बसें उत्तराखंड के हरिद्वार बस स्टेशन पर गंभीर समस्याओं का सामना कर रही हैं। इन बसों को वहां सवारियां बैठाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है, और चालक-परिचालकों को अभद्रता और मारपीट जैसी घटनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इस दुर्व्यवहार के कारण बसों की आय में भारी गिरावट आई है, जो पहले के मुकाबले आधी रह गई है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों के अनुसार, लखीमपुर डिपो की एक बस और गोला डिपो की दो बसें नियमित रूप से हरिद्वार तक सेवाएं प्रदान करती हैं। हालांकि, हरिद्वार डिपो प्रशासन द्वारा इन बसों को स्टेशन पर खड़ा करने और सवारियां लेने के लिए समय आवंटित नहीं किया जा रहा है। इससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि यात्रियों को भी बसों को खोजने में परेशानी हो रही है।
स्थानीय डिपो स्टाफ ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि हरिद्वार डिपो की बसों के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जाए, तो शायद इस समस्या का समाधान निकल सके। उन्होंने बताया कि पहले जहां बसों की आय 70-75% तक होती थी, वहीं अब यह घटकर 35-40% रह गई है।
इस मामले को क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) के संज्ञान में लाया गया है और उनके स्तर से कार्रवाई की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि बहराइच डिपो में हुई किसी घटना के कारण हरिद्वार में स्थानीय बसों को खड़ा करने में आपत्ति जताई जा रही है। हालांकि, पिथौरागढ़ और देहरादून डिपो से आने वाली बसों का समय पहले से निर्धारित है और उन्हें कोई समस्या नहीं होती। इस स्थिति से उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
