खुशी का 5 साल पुराना सपना हुआ पूरा, सीएम योगी से मिलीं मूक-बधिर बेटी
कानपुर की मूक-बधिर बेटी खुशी की पांच साल पुरानी इच्छा बुधवार को पूरी हो गई। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने हाथों से बनाई पेंटिंग भेंट करना चाहती थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार उसे टाल देता था। पिछले शनिवार को खुशी अकेले ही लखनऊ पहुँच गई थी, हालांकि उस दिन वह मुख्यमंत्री से मिल नहीं पाई। मंगलवार रात डीएम कार्यालय से परिवार को फोन आया कि मुख्यमंत्री ने उसे मिलने के लिए बुलाया है।
बुधवार को जब खुशी अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री के सामने पहुंची तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खुशी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी कभी स्कूल नहीं गई, लेकिन उसने अपने दृढ़ संकल्प से अपने सपने को पूरा किया। मुख्यमंत्री ने भी बेटी की इस छोटी सी इच्छा को एक बड़े संकल्प में बदल दिया। ग्वालटोली के अहिराना के मरकरी चौराहे से कुछ दूरी पर कल्लू गुप्ता किराये के कमरे में रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी गीता देवी, 20 वर्षीय मूक-बधिर बेटी खुशी गुप्ता और 15 वर्षीय बेटा जगत गुप्ता शामिल हैं।
कल्लू गुप्ता पहले मेट्रो में सिक्योरिटी गार्ड थे, लेकिन काम छूटने के बाद वह ई-रिक्शा चलाने लगे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी लगभग आठ सालों से स्केच से पेंटिंग बना रही है। पिछले पांच सालों से जब भी वह टीवी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखती तो उनकी पेंटिंग बनाने लगती थी। उसने मुख्यमंत्री की दर्जनों पेंटिंग बनाईं। कुछ सालों से वह मुख्यमंत्री से मिलने की जिद करने लगी थी। परिवार ने उसे काफी समझाया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी।
जब परिवार ने उसे मना किया तो वह गुमसुम रहने लगी और शनिवार सुबह बिना बताए घर से निकल गई। बाद में परिवार को पता चला कि वह लखनऊ पहुंच गई है। बुधवार सुबह एक मजिस्ट्रेट लिखी कार आई और पूरा परिवार उसमें बैठकर लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा। लगभग साढ़े नौ बजे जब मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई तो खुशी की खुशी का कोई पार नहीं रहा। वह भले ही बोल और सुन नहीं पा रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा इशारों से पूछे गए सवालों को भलीभांति समझकर जवाब दे रही थी। उसने खुशी-खुशी अपनी बनाई हुई पेंटिंग मुख्यमंत्री को भेंट की।
