झारखंड से बांग्लादेश तक कफ सिरप तस्करी का रैकेट खुला, लखनऊ से एक तस्कर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नशे के कारोबार में लिप्त एक बड़े गिरोह के सदस्य अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह झारखंड से कोडिन युक्त फेंसेडिल कफ सिरप की तस्करी कर न केवल उत्तर प्रदेश में बेचता था, बल्कि इसे बांग्लादेश तक भी पहुंचाता था।
एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर जौनपुर के सुरेरी थाना क्षेत्र के भोड़ा सीटूपुर गांव का निवासी है। एसटीएफ ने उसे गोमतीनगर के ग्वारी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से दो मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पूछताछ में गिरफ्तार तस्कर अमित टाटा ने बताया कि उसकी जान-पहचान आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के माध्यम से वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल से हुई थी। विकास सिंह ने बताया था कि शुभम जायसवाल का रांची, झारखंड में ‘शैली ट्रेडर्स’ के नाम से एबाट कंपनी की फेंसेडिल कफ सिरप का बड़ा कारोबार है। फेंसेडिल कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के रूप में होता है और इसकी पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश में भारी मांग है।
तस्कर ने यह भी खुलासा किया कि उसने जनवरी 2024 में धनबाद में ‘देवकृपा मेडिकल एजेंसी’ के नाम से एक फर्म पंजीकृत कराई थी। इस फर्म का सारा वित्तीय लेन-देन शुभम जायसवाल और उसके पार्टनर व सीए संभालते थे। धनबाद के इस कारोबार में उसने पांच लाख रुपये लगाए थे, जिसके एवज में उसे लगभग 20-22 लाख रुपये मिले। इसके बाद, गिरोह के कहने पर उसने वाराणसी में भी ड्रग लाइसेंस बनवाकर एक फर्म खोली, जिसका संचालन भी शुभम जायसवाल और उसके साथी करते थे। हालांकि, कुछ समय बाद एबाट कंपनी ने फेंसेडिल कफ सिरप का उत्पादन बंद कर दिया था। जो भी रकम आती थी, उसे वह अपनी पत्नी साक्षी सिंह के खाते में डाल देता था।
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने मिलकर लगभग 1.30 लाख शीशियों की तस्करी बांग्लादेश में की है। गिरोह ने शुभम जायसवाल और एबाट कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत से 100 करोड़ रुपये से अधिक की कफ सिरप खरीदी थी। इसमें से अधिकांश सीरप फर्जी खरीद-बिक्री बिल और ई-वे बिल बनाकर तस्करी के जरिए बेच दी गई। गिरोह के सदस्य सौरभ त्यागी और विभोर राणा समेत अन्य को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना शुभम जायसवाल अपने परिवार और पार्टनर वरुण सिंह व गौरव जायसवाल के साथ दुबई भागने में सफल रहा है। सुशांत गोल्फ सिटी में अमित टाटा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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