KGMU छेड़छाड़ मामला: आरोपी डॉक्टर को बचाने की कोशिश, जांच कमेटी पर सवाल
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के यूरोलॉजी विभाग में एक महिला मरीज के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक आयुष डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान महिला मरीज से अभद्रता की। घटना को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पीड़िता को न्याय मिलने में देरी हो रही है।
पीड़िता का आरोप है कि यूरोलॉजी विभाग में इलाज कराने आई महिला मरीज से अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान डॉक्टर ने छेड़छाड़ की। इस संबंध में पीड़िता ने विभाग के अध्यक्ष से शिकायत की थी, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी मामले की जांच शुरू नहीं हुई है और न ही कोई जांच कमेटी बनाई गई है। इस देरी के कारण पीड़िता भयभीत है और विभाग में आगे इलाज कराने से कतरा रही है।
जांच में देरी और आयुष डॉक्टर द्वारा जांच पर सवाल
केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में पीपीपी मॉडल के तहत मशीनों का संचालन किया जा रहा है। आरोप है कि आयुष विधा के डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांचें कर रहे हैं, जो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, उसी आयुष डॉक्टर ने उसकी जांच की थी और उसी दौरान छेड़छाड़ हुई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस मामले पर केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा है कि विभाग से छेड़छाड़ के मामले की जानकारी मांगी गई है। जल्द ही एक कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। यदि आयुष डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित कंपनी पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि छेड़छाड़ के मामले को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
