लखनऊ में कथक रंगोत्सव: कलाकारों ने बिखेरी भारतीय संस्कृति की छटा, Kathak dance का दिखा अद्भुत संगम
लखनऊ के राय उमनाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित रंगोत्सव ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया। अनुज अर्जुन मिश्रा डांस कंपनी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद पंडित अनुज मिश्रा और उनके समूह ने ‘इन्फिनिटी’ शीर्षक से एक विशेष प्रस्तुति दी।
प्रसिद्ध कथक कलाकार नेहा सिंह मिश्रा ने ‘फाल्गुन रंग छलकते हैं’ पर एकल नृत्य प्रस्तुत किया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। अकादमी के जूनियर विद्यार्थियों ने भी पारंपरिक कथक की बारीकियों को दर्शाते हुए समूह प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के अगले चरण में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक गुरु पंडित अनुज मिश्रा ने गीतगोविंद पर विशेष एकल नृत्य प्रस्तुत किया।
नृत्य प्रस्तुतियों से पहले ‘लखनपुरी और लखनऊ का महत्व’ विषय पर एक सेमिनार भी आयोजित किया गया। पंडित अनुज मिश्रा ने कहा कि लखनऊ सदियों से कला, संगीत और नृत्य की परंपराओं का केंद्र रहा है, विशेष रूप से कथक की लखनऊ घराना परंपरा ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। इस मौके पर जर्मनी से आईं इंडो-जर्मन स्पेक्ट्रम की संस्थापक श्रद्धा मिश्रा ने जर्मनी में कथक की बढ़ती लोकप्रियता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय कला और संस्कृति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वैश्विक पहचान लगातार बढ़ रही है। कार्यक्रम का समापन होली के उत्सव को समर्पित ‘मोरे मुरारी खेले होली’ पर एक विशेष कथक प्रस्तुति के साथ हुआ।
