कानपुर के उद्यमियों ने Union Budget को बताया ‘औसत’, इंफ्रास्ट्रक्चर से बड़ी उम्मीदें
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर कानपुर के उद्यमियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (IIA) के पदाधिकारियों ने बजट को ‘औसत’ बताया है। उनका कहना है कि बजट में उद्योग को बहुत कुछ नहीं मिला है, लेकिन कोई नुकसान भी नहीं हुआ है। उद्यमियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के साथ एमएसएमई के लिए विशेष बजट दिए जाने का स्वागत किया है।
उद्यमियों ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ने से उद्योग को लाभ मिलेगा। वाटर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने से उत्पादों का आवागमन सस्ता होगा, जिससे उद्यमियों के साथ सामान्य जनमानस को भी लाभ मिलेगा। वहीं, इनकम टैक्स को लेकर आए नए नियम भी उद्यमियों के लिए राहत लेकर आए हैं। अब आय में गड़बड़ी या टैक्स छिपाने के मामले में सीधे जेल या लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि जुर्माना भरकर निपटाया जा सकेगा।
हालांकि, उद्यमियों की कुछ महत्वपूर्ण उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। एमएसएमई सेक्टर के लिए ट्रेड्स के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है, जिसका लाभ छोटे उद्यमियों को मिलेगा। लेकिन जीएसटी के रेट में आ रहे अंतर को लेकर लाभ देने की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। उद्यमियों ने मांग की थी कि इनकम टैक्स की छूट 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 14 लाख रुपये तक की जाए, लेकिन यह भी नहीं हुआ।
उद्यमियों ने यह भी चिंता जताई कि सरकार की अनेक योजनाएं बड़े उद्योगों (50 करोड़ टर्नओवर) के लिए हैं, जबकि कानपुर में अधिकतर उद्योग माइक्रो व स्माल उद्योग के दायरे में आते हैं। माइक्रो उद्योग 10 करोड़ और स्माल उद्योग 25 करोड़ में आते हैं। जीएसटी में आ रहे अंतर को लेकर कुछ नियम आने की उम्मीद थी क्योंकि अभी उद्यमी 18 फीसदी जीएसटी पर कच्चा माल खरीद रहा है और 5 फीसदी पर बेच रहा है। ऐसे में 13 फीसदी जीएसटी सरकार के पास है, जिसके रिफंड को लेकर कोई प्रस्ताव आने की उम्मीद थी।
