ईरान-इजरायल युद्ध: यूपी के परिवारों की आपबीती, दुबई और हाइफा में फंसे लोगों ने बयां किया डर
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन भारतीय परिवारों के लिए जिनके सदस्य प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों ने अपने प्रियजनों से बात कर वहां के भयावह हालात की जानकारी दी है।
दुबई में दहशत का मंजर
मेरठ के कांग्रेस नेता नरेश चंद शर्मा के बेटे अभिनव शर्मा, जो दुबई में एक इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं, ने बताया कि उनके घर से कुछ ही दूरी पर मिसाइलें दागी गईं। धमाकों की आवाज सुनकर वे सहम गए और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। इस घटना ने वहां रह रहे भारतीयों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है।
हाइफा में फंसे कामगारों का दर्द
कानपुर के कामगार राजा और धीरज, जो इजरायली शहर हाइफा में फंसे हैं, ने बताया कि हर पांच मिनट पर सायरन बज रहे हैं और लोग बंकरों में शरण ले रहे हैं। मिसाइलों के फटने और दूर-दूर तक बम गिरने की घटनाओं ने उनकी जान सांसत में डाल दी है। एक मिसाइल उनके घर से कुछ ही दूरी पर समुद्र में गिरी, जिससे वे बाल-बाल बचे। युद्ध के कारण कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
ईरान में फंसी पत्नी, भारत वापसी रुकी
मुरादाबाद के पंकज दिवाकर की पत्नी फायजा, जो मूल रूप से ईरान की हैं और अपने पति के साथ वहीं रह रही थीं, युद्ध के कारण भारत नहीं आ पा रही हैं। हवाई सेवाएं बंद होने से उनकी वापसी की योजना अधर में लटक गई है। यह स्थिति कई अंतरराष्ट्रीय विवाहों वाले परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
रियाद में परिवार की अनिश्चितता
उरई के मोहित गुप्ता का परिवार रियाद में एक होटल में मैनेजर के तौर पर रह रहा है। लगातार हो रहे धमाकों से वे बेहद डरे हुए हैं। उनकी पत्नी इला ने तनावपूर्ण हालात की जानकारी दी थी, लेकिन उसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार को नेटवर्क समस्या की आशंका है, लेकिन वे हर खबर पर नजर रखे हुए हैं। इस युद्ध ने कई भारतीय परिवारों की नींद उड़ा दी है, जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
