भारतीय सेना के वीर योद्धा और तकनीक के महारथी, मेजर जनरल शिव प्रकाश मिश्रा का निधन
भारतीय सेना के वीर योद्धा और तकनीक के महारथी, सेवानिवृत्त मेजर जनरल शिव प्रकाश मिश्रा का धनबाद में निधन हो गया। वे सेना में अपनी वीरता और तकनीकी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से सेना और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर है। उन्हें एक कुशल रणनीतिकार और प्रेरणादायक नेता के रूप में याद किया जाएगा।
सेवानिवृत्त मेजर जनरल शिव प्रकाश मिश्रा का सोमवार को धनबाद में निधन हो गया। वे अपने पुत्र और धनबाद के डीआरएम अखिलेश मिश्र के साथ रह रहे थे। उनके निधन की खबर से शहर और सैन्य समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।
मेजर जनरल मिश्रा का जीवन भारतीय सेना में अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का अनूठा उदाहरण रहा। 1 जुलाई 1938 को उत्तर प्रदेश में जन्मे उन्होंने 1956 में ईएमई के 13वें पाठ्यक्रम से कमीशन प्राप्त किया और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैकेनिकल इंजीनियर्स कोर में सेवा दी। उनके सैन्य करियर का केंद्र हमेशा देश सेवा और तकनीकी विशेषज्ञता रहा।
उन्होंने गोवा मुक्ति अभियान (1961), भारत-चीन युद्ध (1962) और भारत-पाक युद्ध (1965) में नेतृत्व और वीरता का अद्वितीय प्रदर्शन किया। 1990 में श्रीलंका में शांति बहाल ऑपरेशन में उनकी रणनीति मिशन की सफलता का आधार बनी। बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता हासिल करने वाले मिश्रा सिकंदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन कॉलेज के गौरवशाली पूर्व छात्र भी रहे।
सेवा के दौरान उन्होंने ईएमई पीएंडए के अतिरिक्त महानिदेशक और ईएमई कोर के कर्नल कमांडेंट के पदों पर कार्य किया। वर्ष 1994 में वे सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त हुए, लेकिन देश सेवा के प्रति उनका समर्पण जीवन के अंतिम क्षण तक बना रहा।
मेजर जनरल मिश्रा अपने पीछे धर्मपत्नी मायावती और तीन संतान-अखिलेश, अनुपमा और आराधना-को छोड़ गए हैं। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए वीरता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बना रहेगा।
