Aravalli Hills खनन मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI की बेंच करेगी फैसला
अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच इस महत्वपूर्ण पर्यावरण मामले को सुनेगी। यह मामला तब सामने आया जब कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन और उसके पर्यावरणीय प्रभावों का संज्ञान लिया।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, अरावली पहाड़ियां उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक ढाल का काम करती हैं। ये पहाड़ियां थार रेगिस्तान को दिल्ली-एनसीआर तक फैलने से रोकती हैं। हालांकि, अवैध खनन के कारण इन पहाड़ियों का अस्तित्व खतरे में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 10-30 मीटर ऊंची पहाड़ियों को “नॉन-हिल” मानने की प्रथा से उनके खत्म होने का खतरा बढ़ गया है। यदि यह सिलसिला जारी रहा तो दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में धूल भरी आंधियां, भूजल स्तर में गिरावट और वायु प्रदूषण की समस्या और भी गंभीर हो सकती है। कोर्ट के हस्तक्षेप से पर्यावरण हितैषियों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।
