दक्षिणी दिल्ली में लैंडफिल से भूजल ‘Delhi groundwater pollution’, लोग पी रहे धीमा जहर
दक्षिणी दिल्ली के प्रमुख लैंडफिल साइट्स ओखला, गाजीपुर, भलस्वा और बवाना के आसपास के इलाकों में भूजल गंभीर रूप से दूषित हो गया है। इन कूड़े के पहाड़ों के कारण स्थानीय निवासियों को पीने के लिए जहरीला पानी मिल रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए चिंताजनक है, बल्कि हजारों लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल रही है।
हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, इन क्षेत्रों के भूजल में टोटल डिसाल्व्ड सॉलिड्स (टीडीएस) की मात्रा मानक से चार गुना तक अधिक पाई गई है। इसके अलावा, कैल्शियम, सल्फेट और मैग्नीशियम जैसे तत्वों का स्तर भी तय सीमा से काफी ऊपर है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च टीडीएस स्तर वाला पानी लंबे समय तक पीने से कैंसर, लिवर और किडनी फेलियर, तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यह बच्चों में जन्मजात बीमारियों का कारण भी बन सकता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकता है।
ओखला लैंडफिल साइट के पास स्थित वीपी सिंह कैंप, जहां लगभग आठ हजार लोग रहते हैं, पिछले आठ वर्षों से हल्के पीले और बदबूदार पानी की समस्या से जूझ रहा है। यहां के बोरवेल से निकलने वाला पानी इतना दूषित है कि लोग इसे केवल बर्तन धोने या कपड़े साफ करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वह भी गंदगी नीचे बैठने के बाद। नहाने से त्वचा संबंधी रोग और बालों के झड़ने जैसी शिकायतें आम हैं। इसी तरह, भलस्वा लैंडफिल के पास श्रद्धानंद कॉलोनी और भलस्वा डेरी क्षेत्र के लोग भी दूषित पानी के कारण पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। कई घरों में जलापूर्ति लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदा नाली का पानी पेयजल में मिल जाता है।
भूजल प्रदूषण का मुख्य कारण लैंडफिल साइट्स पर बिना अलग किया हुआ कचरा है, जो मिट्टी में रिसकर पानी को जहरीला बना रहा है। पानी में पोटेशियम, क्लोराइड, सोडियम और अन्य जहरीले आयनों की अधिकता से टीडीएस का स्तर बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों ने कई बार जल बोर्ड और जनप्रतिनिधियों से शिकायतें की हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पानी के टैंकरों की आपूर्ति भी अनियमित है, जिससे लोगों को अक्सर पानी खरीदना पड़ता है। यह स्थिति दिल्ली के लाखों नागरिकों के लिए एक गंभीर जन स्वास्थ्य संकट पैदा कर रही है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
