सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी अभिलेख नहीं सौंपे, पूर्व सहायक पर FIR की तैयारी
जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल (पीआरडी) कार्यालय ने अपने सेवानिवृत्त वरिष्ठ सहायक आलोक माहेश्वरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कार्यालय ने उन्हें शासकीय अभिलेख तत्काल सौंपने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अभिलेख संबंधित अधिकारी को नहीं सौंपे गए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आरोप है कि आलोक माहेश्वरी ने कूटरचित मस्टरोल के आधार पर पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी भत्ता भुगतान कराया। यह भुगतान उन्होंने क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों से बिना प्रमाणित कराए तथा जिला युवा कल्याण एवं पीआरडी अधिकारी की स्वीकृति के बिना किया। इन गंभीर आरोपों के चलते महानिदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के आदेश से 24 जनवरी 2026 को उन्हें निलंबित कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी। निलंबन के दौरान ही 31 जनवरी 2026 को अधिवर्षता आयु पूरी होने पर वे सेवानिवृत्त हो गए।
सेवा से अवमुक्त होने के बाद भी, माहेश्वरी ने कार्यालय के शासकीय अभिलेखों का चार्ज नहीं सौंपा है। अभिलेख हस्तांतरित कराने के लिए 8 मई 2026 को विशेष पत्रवाहक के माध्यम से नोटिस भेजा गया था, लेकिन उनके आवास पर न तो वे स्वयं मिले और न ही परिवार का कोई सदस्य उपस्थित मिला। विभाग का कहना है कि अभिलेख लंबे समय तक अपने पास रखना शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है। इस देरी से सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है और महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंच बाधित हो रही है।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में कानपुर को शामिल करने की मांग, पीएम को लिखा पत्र
यूपीसीडा का बजट दोगुना: उत्तर प्रदेश को मिलेगा औद्योगिक विकास का नया बूस्ट
Agra News: स्कूल से लौट रही छात्रा से छेड़छाड़, चार नामजद
आगरा में नाली निर्माण पर विवाद: अवैध कब्जे पर छावनी परिषद और व्यापारियों में आरोप-प्रत्यारोप
दुर्घटना में मृत रेलकर्मी की पत्नी को मिला 1 करोड़ का बीमा चेक, रेलवे की पहल
लखनऊ में आउटसोर्स बस कंडक्टरों ने संविदा भर्ती की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
लखनऊ में कांवड़ियों के वेश में अराजकतत्वों ने स्कूली वैन पर किया पथराव, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
राम मंदिर चंदा चोरी पर CM योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- ‘जेब से एक पैसा नहीं निकला’
