UP शिक्षकों के लिए खुशखबरी: IIT मुंबई व गांधीनगर जाने का मौका, शिक्षा में Innovation को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर आया है। राज्य सरकार अगले महीने प्रदेश के 150 सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी मुंबई के दौरे पर भेजेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक स्तर की शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी नवाचारों (Innovation) से परिचित कराना है।
सरकार की योजना के अनुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों से दो-दो उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इन शिक्षकों के चयन की जिम्मेदारी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को सौंपी गई है, जिन्हें नोडल अधिकारी बनाया गया है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को चयन के मानक तय करते हुए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
फरवरी में होने वाले इस पांच दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के दौरान शिक्षक आईआईटी मुंबई और गांधीनगर के परिसर का दौरा करेंगे। वे वहां के विशेषज्ञों से नई शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक तकनीकों और नवाचारों के बारे में जानेंगे। इसके अलावा, शिक्षकों की टीम गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ चुनिंदा पीएमश्री विद्यालयों और अन्य उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों का भी भ्रमण करेगी।
इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों को अपने स्कूलों में लागू करने, विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और एक मजबूत प्रोफेशनल नेटवर्क तैयार करने के लिए प्रेरित करना है। शिक्षक अपनी आंखों से देखे गए नवाचारों को धरातल पर उतारने के लिए विद्यालय प्रशासन को प्रेरित करेंगे।
शिक्षकों के लिए यह यात्रा पूरी तरह निशुल्क होगी, जिसका खर्च केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा। इसमें हवाई या ट्रेन किराया, स्थानीय परिवहन, होटल, और भोजन सहित सभी सुविधाएं शामिल हैं। सरकार की मंशा है कि अपडेटेड शिक्षक छात्रों को आधुनिक युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर सकें। आईआईटी जैसे संस्थानों का अनुभव पाकर ये शिक्षक राज्य के शिक्षा तंत्र में ‘चेंज एजेंट’ के रूप में काम करेंगे।
