गाजियाबाद में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: दो साल में 46 करोड़ से ज्यादा की ठगी, 2.13 करोड़ की रिकवरी
गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। पिछले दो वर्षों में, यानी नवंबर 2023 से नवंबर 2025 तक, इस क्षेत्र में 527 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों ने कुल 46.77 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गंवा दी। यह जानकारी पुलिस द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से सामने आई है।
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में पुलिस को नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (एनसीआरपी) पर 14,955 शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस का दावा है कि उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया और कुछ मामलों में रकम की रिकवरी भी की। हालांकि, कुल ठगी गई रकम की तुलना में रिकवरी की गई राशि काफी कम है, जो लगभग 2.13 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
क्षेत्र के विभिन्न थानों, जैसे इंदिरापुरम, कौशांबी, खोड़ा, शालीमार गार्डन, टीला मोड़, लिंक रोड और साहिबाबाद में साइबर सेल की टीमें लगातार इन मामलों की जांच कर रही हैं। पुलिस ने बताया कि ठगों के हजारों मोबाइल नंबर सर्विलांस पर हैं और दूसरे राज्यों से जुड़े इनपुट मिलने पर वहां की पुलिस से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जा रही है।
सर्वाधिक रिकवरी के मामले में इंदिरापुरम थाना पुलिस 40.18 लाख रुपये की रिकवरी के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि कौशांबी थाना पुलिस 42.12 लाख रुपये की रिकवरी कर पहले स्थान पर काबिज हुई। इंदिरापुरम थाने में साइबर ठगी के 128 मामले दर्ज हुए, जिनमें पीड़ितों से 18.52 करोड़ रुपये ठगे गए थे। वहीं, साहिबाबाद थाने में 99 मुकदमों में नौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई, जिसमें पुलिस ने 80.14 लाख रुपये की रिकवरी की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत मिलना रिकवरी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई बार शिकायतें देर से मिलने के कारण अपराधियों तक पहुंचना और ठगी गई रकम को वापस दिलाना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
