कानपुर देहात में पौराणिक ऊषा बुर्ज टीले पर अवैध खनन, लेखपाल निलंबित | kanpur news
कानपुर देहात के रूरा क्षेत्र में स्थित पौराणिक बाणेश्वर महादेव मंदिर और उससे जुड़े ऐतिहासिक ऊषा बुर्ज टीले पर अवैध खनन का मामला तूल पकड़ गया है। प्रशासनिक जांच में दोषी पाए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है [kanpur news]।
इतिहास के पन्नों में दर्ज इस प्राचीन स्थल का पौराणिक महत्व काफी अधिक है। जानकारों के अनुसार, यह क्षेत्र दैत्यराज बलि के पुत्र बाणासुर की राजधानी श्रोणितपुर का हिस्सा माना जाता है। समय के साथ उपेक्षा और जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते खनन माफियाओं ने इस ऐतिहासिक धरोहर को निशाना बनाया और टीले की भूमि को खोदकर समतल करना शुरू कर दिया, जिससे इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डेरापुर के उपजिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार ने स्थलीय जांच की थी। जांच के दौरान क्षेत्रीय स्तर पर भारी लापरवाही उजागर हुई, जिसके आधार पर यह निलंबन आदेश जारी किया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भविष्य में और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
