अल नीनो के असर से फरवरी में उत्तर प्रदेश में बढ़ी गर्मी, El Nino effect जारी
अल नीनो के प्रभाव से इस साल फरवरी का महीना उत्तर प्रदेश में सामान्य से अधिक गर्म रहा है। राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया, जिससे लोगों को फरवरी में ही गर्मी का एहसास होने लगा। यह स्थिति प्रशांत महासागर में भूमध्य रेखा के पास समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि करने वाली अल नीनो घटना के कारण उत्पन्न हुई है, जो वैश्विक मौसम पैटर्न को प्रभावित करती है।
इस असामान्य गर्मी के पीछे कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और शुष्क मौसम प्रमुख कारण रहे हैं। उत्तरी और मध्य पाकिस्तान में सक्रिय हुए विक्षोभों का असर उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों में देखा गया, जिससे हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी। हालांकि, इन विक्षोभों की शक्ति कम होने के कारण फरवरी में औसत तापमान सामान्य से अधिक बना रहा।
तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव भी दर्ज किया गया है। दिन और रात के पारे में भिन्नता के कारण हल्की सिहरन के साथ-साथ बीमारियों में भी वृद्धि देखी गई है। पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो का यह प्रभाव आने वाले मौसमों पर भी पड़ सकता है, जिससे अधिक गर्मी और बारिश की कमी जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में हल्के बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से तेजी से वृद्धि होने का अनुमान है। यह मौसमी बदलाव किसानों और आम जनजीवन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कृषि उपज और स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है।
