यूपी में मोबाइल चोरी कर `UPI fraud` करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो शातिर दबोचे
उत्तर प्रदेश में मोबाइल फोन चोरी कर बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ाने वाले एक बड़े गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। अलीगढ़ में हुई एक बड़ी ठगी के मामले की जांच के बाद पुलिस ने दो शातिर अपराधियों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चोरी किए गए मोबाइल फोन की सिम का उपयोग करके यूपीआई जनरेट करता था और फिर पीड़ितों के खातों से पैसे निकाल लेता था। इस कार्रवाई से `UP crime news` में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग चार लाख रुपये कीमत के सात चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह का खुलासा बुधवार को किया गया, जिसके बाद आम जनता को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कैसे दिया जाता था ठगी को अंजाम?
यह मामला तब सामने आया जब 20 अगस्त 2025 को क्वार्सी क्षेत्र के एक व्यक्ति के गुम हुए मोबाइल फोन पर यूपीआई बनाकर 5 लाख 67 हजार 497 रुपये की ठगी की गई थी। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचक इंस्पेक्टर उदयभान सिंह ने तकनीकी जांच और डेटा शेयरिंग के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
पश्चिम बंगाल और झारखंड से जुड़े तार
जांच के दौरान, पुलिस ने पश्चिम बंगाल के जिला वर्धमान के थाना जमुनीपार क्षेत्र के निंधा भट्टापुरा निवासी सासाराम नोनिया और झारखंड के साहेबगंज जिले के थाना तलझाडी क्षेत्र के महराजपुर निवासी मो. शमसुल को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया, जिसे इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। दोनों वयस्कों को जेल भेज दिया गया है, जबकि बाल अपचारी को आगरा के बाल सुधार गृह भेजा गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे मोबाइल चोरी करते थे और जिन सिम में बैंक खाते जुड़े होते थे, उनमें यूपीआई जनरेट कर पैसे निकाल लेते थे। उन्होंने अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से चोरी किए गए एक मोबाइल से भी इसी तरह 5.67 लाख रुपये निकाले थे।
जनता के लिए पुलिस की अपील
डिजिटल युग में स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ ही ठगी का खतरा भी बढ़ गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना फोन किसी अनजान व्यक्ति को न दें, क्योंकि शातिर मदद के बहाने फोन लेकर ठगी कर सकते हैं। यदि आपका फोन चोरी हो जाता है, तो तत्काल अपने बैंक खातों और सिम को ब्लॉक करा दें। साथ ही, सभी ऑनलाइन अकाउंट्स को भी बंद कर दें ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।
