रामपुर में वकील की हत्या के बाद वकीलों का प्रदर्शन, UP में Advocate Protection Act लागू करने की मांग
उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक वकील की हत्या के बाद राज्यभर के वकीलों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अधिवक्ता फारुख अहमद खां की निर्मम हत्या के विरोध में शुक्रवार को रामपुर में वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटना ने राज्य में वकीलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ (अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम) को लागू करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। यह मामला वकीलों की सुरक्षा और न्याय प्रणाली में उनके योगदान के महत्व को रेखांकित करता है।
वकीलों का प्रदर्शन और प्रमुख मांगें
जनमंच के बैनर तले अधिवक्ताओं ने दीवानी परिसर में जुलूस निकाला और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध जताते हुए वकीलों ने गेट नंबर दो पर सरकार का पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हत्या के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश में ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ को तुरंत लागू करने की अपनी मुख्य मांग दोहराई। वकीलों का कहना है कि यह अधिनियम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की रणनीति
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने दीवानी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके। इस पुतला दहन कार्यक्रम में चौधरी अजय सिंह, चौधरी हरदयाल सिंह और सत्येंद्र कुमार यादव समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण जनमंच ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगामी 17 फरवरी को एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने और वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
