यूपी में बोतलबंद पानी के 110 ब्रांड फेल, कमिश्नर ने सस्पेंड किए लाइसेंस: UP news
उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) द्वारा चलाए गए अभियान में 110 ब्रांड के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। इन सभी ब्रांड के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं, जिससे लाखों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ेगा। यह कार्रवाई राज्यव्यापी स्तर पर की गई है और UP news के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटना है।
जांच में पानी में बैक्टीरिया और यीस्ट जैसे हानिकारक तत्व पाए गए, जिससे यह पीने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया। FSDA आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सभी जिलों को इन फैक्ट्रियों के संचालन, बिक्री और भंडारण पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, पांच घी ब्रांड – अविक, सलोना गोल्ड, श्री महेश, श्री रुद्र और डेयरी नाइस – भी अधोमानक पाए गए हैं, जिनकी बिक्री, भंडारण और निर्माण पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब विभाग ने ऐसी कार्रवाई की है। बीते 24 जनवरी को भी 39 बोतलबंद पानी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी बिक्री और आपूर्ति पर रोक लगाई गई थी। उस समय भी नमूनों में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई थी। FSDA ने मिनरल वाटर, पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और गैर-अल्कोहलिक पेय पदार्थों में गड़बड़ी की शिकायतों पर विभिन्न जिलों में व्यापक अभियान चलाया था।
इस अभियान के तहत मैनपुरी, प्रयागराज, आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती, चित्रकूट, गोंडा, अंबेडकरनगर, लखनऊ, बाराबंकी, फतेहपुर, उन्नाव, रामपुर, चंदौली, गौतमबुद्धनगर, लखीमपुर, रायबरेली, वाराणसी, शाहजहांपुर, इटावा और सिद्धार्थनगर सहित कई जिलों के विभिन्न ब्रांडों पर प्रतिबंध लगाया गया है। आयुक्त ने सभी संबंधित कंपनियों को 48 घंटे के भीतर अपने स्टॉक का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, और अधिकारियों को इनकी तत्काल बिक्री व आपूर्ति रुकवाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। यह कदम जनता को सुरक्षित पेयजल और खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
