शिया-सुन्नी Waqf Board को मिलाकर एक करने की मांग, हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
लखनऊ हाई कोर्ट की बेंच ने वक्फ बोर्डों के प्रबंधन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह मामला शिया और सुन्नी वक्फ बोर्डों को मिलाकर एक करने की मांग से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने सैयद वसीम रिजवी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 13 के तहत केवल एक वक्फ बोर्ड का प्रावधान है, न कि दो अलग-अलग बोर्डों का। याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी समुदायों के लिए अलग-अलग बोर्ड हैं, जिससे प्रबंधन में जटिलताएं आती हैं।
न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और दोनों वक्फ बोर्डों को नोटिस जारी किया है। सभी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। इस याचिका पर आने वाला फैसला राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन की संरचना को बदल सकता है।
