यूट्यूबर ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा की जांच की मांग, बीजेपी नेता ने गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी | national politics
लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी की नागरिकता और भारत यात्रा के दौरान उनके वीजा नियमों के पालन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र सौंपा है, जिसमें राठी के प्रवास और गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब बेंगलुरु में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में यूट्यूबर की मौजूदगी देखी गई।
चिट्ठी में मुख्य रूप से यह मुद्दा उठाया गया है कि क्या विदेशी नागरिक भारतीय भूमि पर इस तरह के राजनीतिक और नीतिगत विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा बन सकते हैं। पत्र के अनुसार, यदि कोई विदेशी नागरिक देश के कानूनों या वीजा शर्तों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होता है, तो यह इमिग्रेशन नियमों और फॉरेनर्स एक्ट के दायरे में आता है। इसी आधार पर गृह मंत्रालय से आग्रह किया गया है कि वे राठी के वीजा स्टेटस के साथ-साथ उनके यात्रा रिकॉर्ड की भी गहराई से पड़ताल करें।
इस तरह के मामलों से देश के विदेशी नागरिकों के कानूनी दायरों और आव्रजन नीतियों पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। आम जनता और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले विदेशी मूल के व्यक्ति देश के आंतरिक राजनीतिक मुद्दों पर इस प्रकार की सक्रियता दिखा सकते हैं। फिलहाल गृह मंत्रालय की ओर से इस पत्र पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
