आगरा का खेरिया मोड़-ईदगाह आरओबी 90 दिन रहेगा बंद, बदले जाएंगे पुराने गर्डर | agra news
आगरा के अति व्यस्त खेरिया मोड़-ईदगाह रेल ओवर ब्रिज को पूरी तरह बंद कर इसके जीर्णोद्धार का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। रेलवे द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा को पुख्ता करते हुए पुल के पुराने और जर्जर गर्डरों को बदलना है। साल 1970 में बने इस 56 साल पुराने पुल पर इससे पहले भी कई बार मरम्मत कार्य हो चुके हैं, लेकिन इस बार इसके मूल ढांचे के सबसे अहम हिस्सों यानी रेल ट्रैक के ठीक ऊपर मौजूद 12 गर्डरों को पूरी तरह बदला जाना है।
इस पुल के बंद होने से शहर के यातायात संचालन पर भारी असर पड़ना तय है, क्योंकि इस मार्ग से प्रतिदिन दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सारा ट्रैफिक नगला छऊआ और बारहखंभा होते हुए रुई की मंडी रेलवे फाटक शाहगंज की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए शाहगंज रोड के दोनों तरफ का अतिक्रमण हटाने की योजना पर भी प्रशासन काम कर रहा है। इस बदलाव का सीधा असर करीब पांच लाख की आबादी पर पड़ेगा, जिन्हें आगामी तीन महीनों तक आवागमन में अतिरिक्त समय और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
नई दिल्ली-आगरा रेल खंड देश के सबसे व्यस्ततम मार्गों में शुमार है, जहां से रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। गर्डर बदलने के इस बड़े तकनीकी काम के दौरान ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहेगा, जिसके लिए रेलवे द्वारा विशेष मेगा ब्लॉक लिए जाने और कम ट्रैफिक वाले समय में काम को अंजाम देने की योजना बनाई गई है। पुलिस प्रशासन से औपचारिक अनुमति मिलते ही रेलवे अपनी पूरी टीम और मंगवाए गए नए गर्डरों के साथ धरातल पर काम शुरू कर देगा, ताकि तय समय सीमा के भीतर इस कार्य को पूरा किया जा सके।
