शंकराचार्य पर FIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, PM को सौंपा ज्ञापन: UP politics news
कानपुर देहात में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इस एफआईआर को प्रदेश सरकार का षडयंत्र करार दिया और जिला मुख्यालय पर जमकर नारेबाजी की। इस घटना ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, खासकर धार्मिक नेताओं से जुड़े मामलों में, और यह एक महत्वपूर्ण UP politics news बन गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस ज्ञापन में शंकराचार्य के विरुद्ध यौन शोषण के आरोप में दर्ज रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि यह रिपोर्ट शंकराचार्य को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है, जिससे सनातन धर्म का अपमान हो रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंबरीष सिंह गौर ने इस मौके पर कहा कि एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि, परिस्थितियों और संभावित प्रेरक तत्वों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश सरकार शंकराचार्य की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है, जो पूरे सनातन धर्म के लिए अपमानजनक है। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें देवेंद्र पांडेय, हरिशंकर चतुर्वेदी, विमल शुक्ला, उपेंद्र शुक्ला, मनोरमा संखवार, शहंशाह पठान, गोविंद यादव, राजेंद्र सचान, जगदीश यादव, जितेंद्र सिंह गौर, अरविंद पाल, बसंत लाल, राकेश दोहरे, सरताज कल्लू और गुलफाम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह घटना धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है, और आगे की जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
