डिजिटल फ्रॉड पर मुख्य सचिव सख्त, बैंकों को दिए तुरंत कार्रवाई के निर्देश | State Bank News
राज्य के मुख्य सचिव ने डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में बैंकों को तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। मुख्य सचिव ने हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंकिंग क्षेत्र को अधिक सक्षम, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने पर जोर दिया, ताकि समाज के हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंच सकें।
उन्होंने बैंकों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने को कहा। मुख्य सचिव ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन’ (ODOC) योजना के तहत स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को त्वरित ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि यह पहल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी बैंकों को सीएम युवा, ओडीओपी, पीएम सूर्यघर, पीएम कुसुम और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी प्रमुख योजनाओं में अपने कवरेज को बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कृषि प्रधान राज्य होने के कारण इस क्षेत्र को प्राथमिकता देने और किसानों को सुलभ ऋण सुविधा उपलब्ध कराने को बैंकों की जिम्मेदारी बताया।
बैठक में यह भी सामने आया कि राज्य में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक विकास के बावजूद कई उद्योगों के बैंक खाते अन्य राज्यों में संचालित हो रहे हैं। इससे राज्य के क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मुख्य सचिव ने इस स्थिति को सुधारने के लिए निर्देश दिया कि उद्यमियों को एलओसी जारी करते समय उनके ऋण खाते राज्य के भीतर ही किसी शाखा में खुलवाए जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्राथमिकता क्षेत्र की ऋण योजनाओं से संबंधित फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित या अस्वीकृत न किया जाए और पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ऋण स्वीकृति प्रदान की जाए।
