ब्रजेश पाठक ने किया 101 बटुकों का पूजन, Magh Mela विवाद के बाद UP politics में ब्राह्मणों को साधने की कोशिश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर गुरुवार सुबह एक अनूठा नजारा देखने को मिला। पीत वस्त्र धारण किए 101 शिखाधारी बटुकों का यहां गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत किया गया, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री पाठक ने उनका विधि-विधान से पूजन और सम्मान किया। इस कार्यक्रम की तस्वीरें तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जो राज्य की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गईं। यह आयोजन माघ मेले में हुए एक विवाद के बाद ब्राह्मण समुदाय को एक स्पष्ट संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, हाल ही में एक कॉन्क्लेव के दौरान ब्रजेश पाठक ने माघ मेले में बटुकों की चोटी खींचे जाने की घटना को ‘महापाप’ करार दिया था और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। यह घटनाक्रम माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पालकी सहित संगम स्नान के लिए रोके जाने से जुड़े विवाद के दौरान हुआ था। उस समय कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा बटुकों की चोटी पकड़कर घसीटे जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसने काफी आक्रोश पैदा किया था।
इस घटना के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था और शंकराचार्य से स्नान करने का आग्रह किया था। अब ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों का सम्मान करना विपक्षी दलों की ब्राह्मणों को अपने पाले में खींचने की कोशिशों का प्रतीकात्मक जवाब माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसी पार्टियां अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण के बाद से ब्राह्मण समुदाय पर लगातार डोरे डाल रही हैं, जिसके जवाब में भाजपा भी सक्रिय दिख रही है। राजनीति में प्रतीकों का विशेष महत्व होता है और पाठक का यह कदम ब्राह्मण समुदाय के बीच सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है।
