यूपी की ट्रेनों में ‘QR Code’ से होगी असली वेंडर की पहचान, IRCTC-GRP का बड़ा फैसला
रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को अब अवैध वेंडरों और घटिया खाने की समस्या से निजात मिलेगी। उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली लगभग 450 ट्रेनों में अब अधिकृत वेंडर क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र और विशेष वर्दी में नजर आएंगे। यह महत्वपूर्ण निर्णय लखनऊ में IRCTC और जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में लिया गया है, जिसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण खानपान सुनिश्चित करना है।
इस नई व्यवस्था के तहत, वेंडरों की वर्दी पर उनका नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा होगा, जिससे यात्री आसानी से उनकी पहचान कर सकेंगे। यह कदम अवैध वेंडिंग पर अंकुश लगाने और यात्रियों को भरोसेमंद सेवा प्रदाताओं से ही खानपान खरीदने में मदद करेगा। IRCTC के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा और एडीजी (जीआरपी) डी. प्रकाश के बीच हुई इस बैठक में यात्रियों की सुरक्षा और खानपान की गुणवत्ता को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
उत्तर प्रदेश की 450 ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और अवैध वेंडरों की चुनौती से निपटने के लिए अब IRCTC और जीआरपी मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाएंगे। विशेष रूप से प्रयागराज, वाराणसी, झांसी और बरेली जैसे व्यस्त रूटों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें केवल अधिकृत वेंडरों द्वारा ही सेवाएं मिलें।
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि खानपान सेवा प्रदाताओं को कई बार कोच में अत्यधिक भीड़, सामान रखने की कम जगह, यात्रियों की अत्यधिक मांग और कुछ क्षेत्रों में अनधिकृत वेंडरों द्वारा निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह नई पहल इन सभी चुनौतियों का समाधान करने और यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
