भारत-अमेरिका ट्रेड डील और कूटनीतिक रिश्तों पर अमेरिकी नेताओं का बड़ा बयान | india us relations
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी ट्रेड डील अब अपने अंतिम दौर में पहुंचती नजर आ रही है। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक विशेष साक्षात्कार में दोनों देशों के रिश्तों की नई दिशा पर प्रकाश डाला। इस बातचीत में व्यापारिक समझौतों से लेकर ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर चर्चा की गई।
व्यापारिक साझेदारी पर बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि समझौते को लेकर अब बहुत कम बाधाएं बची हैं और दोनों देश जल्द ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस डील का मुख्य उद्देश्य दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए स्पष्टता और भरोसा पैदा करना है, जिससे भविष्य में निवेश के नए रास्ते खुल सकें। वहीं, अमेरिकी राजदूत ने दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार का हवाला देते हुए बताया कि कारोबार का यह आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे दोनों ही देशों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
रूसी तेल और डीजल की खरीद के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार की जटिलताओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए नीतिगत फैसलों में लचीलापन जरूरी है। इसके साथ ही, भारत की ऊर्जा जरूरतों को विविध बनाने और जामनगर रिफाइनरी की क्षमताओं की भी जमकर सराहना की गई, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और प्रगाढ़ करने का संकेत देता है।
