उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का समापन, इस दिन बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट | uttarakhand chardham yatra
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सर्दियों की शुरुआत और भारी बर्फबारी की संभावना को देखते हुए धाम के कपाट बंद करने की तिथियां तय कर दी गई हैं। परंपरा के अनुसार, गंगोत्री धाम के कपाट इस बार 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व के अवसर पर दोपहर 12:05 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
शीतकालीन प्रवास और मुखवा में दर्शन
गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के पश्चात मां गंगा की पवित्र उत्सव डोली को शीतकालीन गद्दीस्थल मुखवा के लिए रवाना किया जाएगा। आगामी छह महीनों तक कपाट बंद रहने के कारण श्रद्धालु मुखवा स्थित गंगा मंदिर में ही मां गंगा की नियमित पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकेंगे। इस व्यवस्था से सर्दियों के मौसम में भी भक्तों की आस्था अनवरत बनी रहती है।
यात्रियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि
इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक, कपाट बंद होने से पहले के अंतिम दिनों में लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के गंगोत्री पहुंचने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापार और पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि इस बार का अंतिम चरण यात्रा के इतिहास में सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला साबित हो रहा है।
