लखनऊ नगर निगम का बड़ा फैसला: वेंडिंग जोन में ‘एक परिवार, एक दुकान’ (one family one shop) नियम लागू
लखनऊ नगर निगम ने वेंडिंग जोन की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब वेंडिंग जोन में ‘एक परिवार, एक दुकान’ के सिद्धांत को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस फैसले के तहत, यदि किसी परिवार के एक से अधिक सदस्यों को वेंडिंग जोन में दुकानें आवंटित की गई हैं, तो उनकी अतिरिक्त दुकानें वापस ले ली जाएंगी।
यह कार्रवाई पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियम) अधिनियम-2014 और उत्तर प्रदेश नियमावली-2017 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि वेंडिंग जोन का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद पथ विक्रेताओं तक पहुंचे, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
नगर निगम ने यह भी साफ कर दिया है कि वेंडिंग जोन की दुकानें किसी भी स्थिति में किराये पर नहीं दी जा सकतीं। यदि जांच में यह सामने आता है कि कोई वेंडर अपनी आवंटित दुकान या स्थल को किराये पर देकर स्वयं नियमों का उल्लंघन कर रहा है, तो ऐसी दुकान तत्काल प्रभाव से वापस ले ली जाएगी।
इस निर्णय के तहत सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर गहन सर्वे करें। सर्वे रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की सूची तैयार कर अगली टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक से पहले प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
