कासगंज में आयुर्वेद परिषद की बैठक, RSS नेता बोले- आज पूरी दुनिया देख रही Ayurveda की ओर
उत्तर प्रदेश के कासगंज में विश्व आयुर्वेद परिषद की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विभाग संघ चालक उमाशंकर शर्मा ने कहा कि वर्षों की उपेक्षा के बाद अब आयुर्वेद के प्रति सकारात्मक वातावरण बन रहा है और आज पूरी दुनिया आयुर्वेद की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को पुनर्स्थापित करने के लिए 1997 में वरिष्ठ प्रचारक ओमप्रकाश द्वारा विश्व आयुर्वेद परिषद का गठन किया गया था।
शर्मा ने कहा कि यह संगठन किसी अधिकार की लड़ाई के लिए नहीं, बल्कि आयुर्वेद को पुनर्स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है। मुख्य वक्ता डॉ. निधि शर्मा ने आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोविड काल में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद मानव शरीर के लिए सबसे अनुकूल चिकित्सा पद्धति है और इसे जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
परिषद द्वारा आम जनता के बीच लगातार आयुर्वेदिक शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे “स्वस्थ परिवार, स्वस्थ राष्ट्र” का लक्ष्य साकार हो सके। मार्गदर्शन सत्र में प्रो. डॉ. एन.के. सिंह, अमलेन्दु शर्मा और वैद्य चंद्रचूड़ मिश्र ने संगठनात्मक मजबूती और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और प्राकृतिक शैली है।
बैठक के अंत में वैद्य चंद्रचूड़ मिश्र द्वारा विश्व आयुर्वेद परिषद की कासगंज जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें डॉ. ब्रजेश को अध्यक्ष और डॉ. प्रभाकर को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
