कानपुर के हैलट अस्पताल में आंधी का कहर, 12 पेड़ गिरे, कई वाहन क्षतिग्रस्त; बड़ा हादसा टला
कानपुर के हैलट अस्पताल और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में शनिवार को तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई। आंधी के कारण एक दर्जन से अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, क्योंकि मरीज और तीमारदार पेड़ों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। हालांकि, 10 से अधिक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के झोंकों के साथ पुराने और जर्जर पेड़ तेजी से गिरने लगे। उस समय अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही थी। पेड़ों के अचानक गिरने से लोग इधर-उधर भागने लगे। कई पेड़ दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर गिरे, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। तीमारदारों ने बताया कि कुछ सेकंड की देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया। प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि गेट नंबर दो के पास जामुन का पेड़ और सर्जरी विभाग के नजदीक पेड़ गिर गया। उन्होंने पुष्टि की कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन कुछ वाहन जरूर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जेसीबी की मदद से पेड़ों को रास्ते से हटाया गया।
मेडिकल कॉलेज परिसर में कई जगह रास्ता बाधित हुआ। डी ब्लॉक और कैंसर अस्पताल जाने वाला रास्ता पेड़ गिरने से बंद हो गया। कॉलेज इंचार्ज डॉ. संतोष बर्मन ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में भी कई जगह पेड़ों की बड़ी डालियां गिरी हैं। वहीं, कार्डियोलॉजी विभाग की छत पर लगा सोलर पैनल का एक हिस्सा भी तेज हवा में उड़कर नीचे आ गिरा, जिससे दहशत फैल गई। निदेशक डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि कोई हादसा नहीं हुआ।
