राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह दिल्ली से गुजरात शिफ्ट होने पर बवाल | national film awards news
भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली बार प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से बाहर आयोजित करने की तैयारी चल रही है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इस बार गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर में किए जाने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। दशकों से यह आयोजन देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होता आया है, जिसे लेकर अब परंपरा तोड़ने के आरोप लग रहे हैं।
महाराष्ट्र के नेताओं ने इस बदलाव पर कड़ी नाराजगी जताई है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सवाल उठाया है कि आखिर 72 साल पुरानी परंपरा को अचानक क्यों बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा की नींव महाराष्ट्र में रखी गई थी, लेकिन पुरस्कार समारोह को वहां या देश की राजधानी में रखने के बजाय गुजरात ले जाना समझ से परे है। इसके अलावा, शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए फिल्म जगत के कलाकारों से इस समारोह का बॉयकॉट करने का आह्वान किया है।
इस बड़े बदलाव से सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर पर नई बहस छिड़ गई है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के प्रतिष्ठित आयोजनों की वेन्यू में अचानक बदलाव से क्षेत्रीय भावनाओं पर असर पड़ सकता है और आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संभावित गुजरात दौरे के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किए जाने की चर्चा है [national film awards news]।
