संसद सत्र के बीच Akhilesh Yadav ने उठाए गंभीर सवाल, विदेश नीति और तेल आपूर्ति पर चर्चा की मांग
संसद के बजट सत्र के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जब संसद के बजट सत्र का अंतराल हुआ था तब चर्चा के विषय अलग थे, लेकिन अब युद्ध जैसे हालात और वैश्विक संकट के कारण देश की प्राथमिकताएं बदल जानी चाहिए। ऐसे समय में संसद और सरकार को कुछ अहम मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सबसे पहले युद्ध के संदर्भ में भारत का पक्ष और राय स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति को लेकर भी देश में गंभीर चर्चा जरूरी है। उनके मुताबिक यह सवाल भी उठना चाहिए कि कहीं भारत की विदेश नीति किसी दबाव में तो नहीं चल रही है। सपा प्रमुख ने तेल जैसी आवश्यक आपूर्ति के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के फैसले आत्मनिर्णय के आधार पर लेने चाहिए।
उन्होंने इशारा करते हुए कहा कि यदि तेल जैसी आपूर्ति के फैसलों में बाहरी देशों के आदेश का प्रभाव होगा तो यह देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है। सपा अध्यक्ष ने युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि विदेशों में काम करने वाले भारतीयों या पर्यटक के रूप में गए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने उन पत्रकारों और मीडियाकर्मियों का भी मुद्दा उठाया जो प्रधानमंत्री के साथ विदेश दौरे पर गए थे, लेकिन युद्ध शुरू होने के कारण अभी तक भारत नहीं लौट पाए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। सपा प्रमुख ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि युद्ध जैसे हालात में जरूरी वस्तुओं और आपूर्ति की नियमित व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी बात कही।
