आगरा पुलिस: थाने में युवक की टांगें तोड़ने का मामला NHRC पहुंचा, पीड़ित परिवार FIR पर अड़ा
आगरा के किरावली थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा एक युवक की टांगें तोड़ने का गंभीर मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह घटना तब सामने आई जब किरावली पुलिस ने एक हत्या के मामले में पूछताछ के लिए राजू पंडित नामक युवक को थाने बुलाया था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाने में राजू को उल्टा लटकाकर बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसके दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं। घटना के बाद राजू को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसके पैरों पर प्लास्टर चढ़ाया गया है।
मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए किरावली थाने के एसओ नीरज कुमार, दारोगा धर्मवीर सिंह और बीट सिपाही रवि मलिक को निलंबित कर दिया। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिसकर्मी अलग-अलग माध्यमों से उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं और एफआईआर दर्ज नहीं करने के लिए कह रहे हैं।
पीड़ित के चचेरे भाई संजय शर्मा ने बताया कि वे दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस आयुक्त से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि परिवार समझौते के लिए तैयार नहीं है। मानवाधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताते हुए NHRC से जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
