आगरा में Saubhagya Yojana के 35 हजार उपभोक्ताओं को झटका, Bijli bill relief scheme का लाभ नहीं
आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) की एक कार्रवाई से सौभाग्य योजना के हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली बिल राहत योजना के तहत बकाया बिलों पर ब्याज माफी और छूट का लाभ लेने पहुंचे लगभग 35 हजार उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि DVVNL ने इन उपभोक्ताओं के कनेक्शन का लोड (भार) बिना उनकी जानकारी के बढ़ा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य योजना) की शुरुआत 2017 में हुई थी। इसके तहत गरीब परिवारों को एक किलोवाट तक के मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए थे। आगरा में ऐसे 66,261 उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 35 हजार पर बकाया है। हाल ही में शुरू हुई बिजली बिल राहत योजना के तहत 2 किलोवाट तक के बकाएदार उपभोक्ताओं को ब्याज में 100% छूट और बिल में 25% तक की रियायत मिलनी है।
बिना सूचना बढ़ा दिया गया लोड
सौभाग्य योजना के अधिकांश उपभोक्ताओं का लोड DVVNL ने बढ़ाकर 3 या 4 किलोवाट कर दिया है। उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी तब हुई जब वे राहत योजना के तहत बकाया जमा करने के लिए एसडीओ कार्यालय या शिविरों में पहुंचे। उन्हें बताया गया कि उनका कनेक्शन 2 किलोवाट से अधिक का है, इसलिए वे राहत योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
उपभोक्ताओं की परेशानी
किरावली और अछनेरा जैसे क्षेत्रों के कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें लोड बढ़ने की कोई सूचना नहीं मिली थी। जब वे राहत योजना का लाभ लेने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनका लोड बढ़ा दिया गया है। इससे वे योजना के लाभ से वंचित हो गए हैं।
अधिकारी का स्पष्टीकरण
DVVNL के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने इस संबंध में बताया कि लोड नियमानुसार ही बढ़ाया जाता है। यदि उपभोक्ता अपने कनेक्शन पर अधिक बिजली का उपयोग करता है तो विभाग अधिकतम खपत के आधार पर स्वत: लोड बढ़ा देता है। लोड बढ़ने की जानकारी बिल में दी जाती है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल राहत योजना में 2 किलोवाट तक के बकाएदारों को ही लाभ दिया जा रहा है और विभाग नियमों का पालन कर रहा है।
