आगरा: रंगबाज Raj Chauhan की हत्या, 35 साल तक प्रधानी वाले परिवार का था रसूख
आगरा में रंगबाज राज चौहान की हत्या के बाद उसके रसूखदार परिवार की पृष्ठभूमि सामने आई है। राज चौहान का परिवार हाथरस के सादाबाद में 35 साल तक प्रधानी के कारण काफी प्रभावशाली रहा है। यह परिवार गांव में ‘हाथी वाले’ और ‘कोठी वाले’ के नाम से जाना जाता था, जो उनकी पुरानी संपत्ति और दबंगई को दर्शाता है।
राज चौहान के दादा उदयवीर सिंह के पिता पंचम सिंह के समय में घर में हाथी रहता था और तभी से गांव में कोठी बनी हुई है। इसी कारण परिवार को यह पहचान मिली। राज के दादा उदयवीर सिंह के बड़े भाई रनवीर सिंह वर्ष 1974 में निर्विरोध ग्राम प्रधान बने थे। इसके बाद यह प्रधानी उनके परिवार में ही रही, जो वर्ष 2008 तक चली।
रसूखदार होने के बावजूद राज चौहान की हरकतें परिवार के लिए परेशानी का सबब थीं। वर्ष 2022 में राज को पता चला कि उसके दादा उदयवीर सिंह ने चाचा जयवीर सिंह के नाम पूरी संपत्ति कर दी है। इस बात से नाराज होकर राज ने अपने दादा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में परिवार के बीच समझौते के कारण वह मुकदमे से छूट गया था।
राज चौहान की हत्या की खबर मिलने के बाद परिवार दुखी है। परिवार के कुछ सदस्य कालिंदी विहार स्थित घर पर भी पहुंचे थे। राज की मां नीरज अपने मायके नगला ताज में रहती थीं और बाद में नाऊ की सराय में रहने चली गई थीं।
