कानपुर: जेल से छूटे आरोपी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लगाया पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप
कानपुर के नवाबगंज थानाक्षेत्र में तेजाब हमले के एक आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। आरोपी राजेश पाल को बीते दो सितंबर को हुई मारपीट और तेजाब फेंकने की घटना में गिरफ्तार किया गया था। बीमार चल रहे राजेश को शुगर की बीमारी थी, जिसके चलते पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी।
28 अक्टूबर को राजेश पाल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। करीब तीन हफ्ते बाद, 13 नवंबर को उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद पुरानी बीमारी के चलते उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उसे काकादेव स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां गुरुवार देर शाम उसने अंतिम सांस ली।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना के कारण ही राजेश की तबीयत इतनी बिगड़ी और उसकी मौत हुई। इस बीच, एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें तेजाब से झुलसे व्यक्ति के दोस्त को इलाज के लिए चौकी में पैसे देते हुए दिखाया गया है। यह घटना उस समय की बताई जा रही है जब आरोपी ने कथित तौर पर पीड़ित को समझौते के तौर पर पैसे दिए थे।
हालांकि, नवाबगंज थाना प्रभारी केशवकुमार तिवारी ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने स्वयं कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था और उसे जमानत पर रिहा किया गया था। पुलिस के अनुसार, उसकी मौत बीमारी के कारण हुई है। थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों ने पुलिस के खिलाफ कोई भी लिखित शिकायत या आरोप दर्ज नहीं कराया है। इतना ही नहीं, उन्होंने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि पुलिस अपनी भूमिका को सही ठहरा रही है।
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