19 साल बाद जेल से रिहा हुआ कुख्यात डकैत मंगली केवट, बोला- अब समाज सेवा करूँगा
कानपुर देहात की जिला कारागार से गुरुवार शाम को कुख्यात डकैत मंगली केवट की रिहाई हुई। अपहरण, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा मंगली केवट 19 साल और 7 महीने बाद सलाखों से बाहर आया है। रिहाई की वजहें जहाँ उसकी सजा का पूरा होना है, वहीं जेल में उसका अच्छा आचरण भी एक महत्वपूर्ण कारण रहा। इसके अतिरिक्त, अन्य मामलों में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
बाहर आते ही मंगली केवट ने मीडिया से कहा कि अब वह समाज की सेवा करेगा। जालौन के बिजहरा गांव का रहने वाला मंगली केवट कभी दूध विक्रेता हुआ करता था, लेकिन बाद में वह अपराध की दुनिया में कदम रख बैठा। उसने डकैतों के लिए मुखबिरी का काम शुरू किया और देखते ही देखते अपराधों में लिप्त होता चला गया। साल 2002 में उसने एक युवक का अपहरण किया, जिसके बाद उसका अपराधों का सिलसिला नहीं थमा। वह निर्भय गिरोह से भी जुड़ा रहा। जून 2003 में जालौन में तत्कालीन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले तीन लोगों के अपहरण की घटना को भी उसने अंजाम दिया था।
मंगली केवट ने औरैया में भी एक बच्चे का अपहरण किया था। अपराध की दुनिया में उसकी पत्नी मालती केवट भी उसके साथ थी, जिसने पति के साथ मिलकर एक बड़ा गिरोह खड़ा कर लिया था। साल 2006 में पति-पत्नी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। मंगली केवट को विभिन्न मामलों में तीन आजीवन कारावास और दस-दस वर्ष की तीन अलग-अलग सजाएं सुनाई गई थीं। अपनी सजा पूरी करने के बाद उसे रिहा कर दिया गया है। गौरतलब है कि उसकी पत्नी मालती केवट को भी पिछले महीने सितंबर में जेल से रिहा किया गया था।
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