गाजियाबाद में 255 करोड़ के फर्जी कारोबार का भंडाफोड़, 45.84 करोड़ का आईटीसी घोटाला उजागर
गाजियाबाद में फर्जी इनवॉइस के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की वसूली का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) और राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मैसर्स सनशाइन स्टील के मालिक शाकिब कुरैशी को गिरफ्तार किया है। उस पर 14 फर्जी फर्मों के माध्यम से 255 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस तैयार कर 45.84 करोड़ रुपये के आईटीसी की अवैध वसूली का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
यह पहला मामला नहीं है जब इस तरह के घोटाले का खुलासा हुआ है। विगत कुछ महीनों में, जीएसटी विभाग ने कई ऐसे बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिनमें फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों की आईटीसी की वसूली की गई है। हाल ही में, 1 अगस्त 2025 को, जीएसटी रिफंड घोटाले के एक मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया गया था। गाजियाबाद की एंटी इवेजन शाखा ने इससे पहले 23.91 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी पास-ऑन और रिफंड दावों से जुड़े घोटाले का भी पर्दाफाश किया था। अक्टूबर 2024 में, मैसर्स एएनवीएस ट्रेडर्स फर्म ने फर्जी कंपनियों के जरिए 110 करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लगाया था, जिसमें आरोपियों ने दो साल में कागजों पर 621 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया था। जनवरी 2023 में, दिल्ली की दो फर्मों के निदेशक अमित गुप्ता को भी लगभग 46 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी प्राप्त कर उसे अन्य फर्मों को स्थानांतरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
विभाग द्वारा हाल ही में मैसर्स सनशाइन स्टील के मालिक शाकिब कुरैशी की गिरफ्तारी के साथ, उसके घर और कार्यालय से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। विभाग अब इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटा है।
प्रौद्योगिकी का उपयोग भी जीएसटी चोरी को पकड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। गाजियाबाद में 29 फरवरी 2024 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से एक बड़ी जीएसटी चोरी पकड़ी गई थी। एक फर्म ने फर्जी तरीके से एक ही वित्तीय वर्ष में 19.66 करोड़ रुपये का आईटीसी वसूला था। जब फर्म ने अपना रिटर्न दाखिल किया, तो सिस्टम में लगे एआई ने इसका विश्लेषण किया और चोरी का पता चला।
सीजीएसटी आयुक्त संजय लावनिया ने कहा कि फर्जी इनवॉइस के जरिए आईटीसी वसूली करने वाली फर्म संचालकों की गिरफ्तारी के साथ ही उनसे राजस्व की वसूली की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई अन्य फर्मों की जांच चल रही है और पकड़ में आई फर्म के संचालकों के अलावा इसमें शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
