वोटर लिस्ट से नाम कटने का डर, बीएलओ नदारद, मतदाता परेशान
गाजियाबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान एक अजीब सी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहाँ एक ओर जिला प्रशासन बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को घर-घर जाकर पुनरीक्षण करने के निर्देश दे रहा है, वहीं दूसरी ओर मतदाता अपने संबंधित बीएलओ को ढूंढने में परेशान हो रहे हैं। कई इलाकों से बीएलओ की अनुपस्थिति की खबरें आ रही हैं, जिससे एसआईआर प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और लोगों में वोटर लिस्ट से नाम कटने का डर सता रहा है। एसआईआर की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ मतदाताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ट्रांस हिंडन के विभिन्न इलाकों, जैसे वैशाली और इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में, बीएलओ की कमी के कारण निवासी बेहद चिंतित हैं। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते उनका नाम मतदाता सूची में सत्यापित नहीं हुआ तो उनका नाम हटाया जा सकता है। दैनिक जागरण की टीम ने जब इन इलाकों का दौरा किया तो जमीनी हकीकत सामने आई।
वैशाली सेक्टर 2-बी स्थित साधना अपार्टमेंट, जहाँ लगभग 300 परिवार रहते हैं, वहाँ के निवासियों ने बताया कि अब तक कोई बीएलओ उनसे संपर्क करने नहीं आया है। स्थानीय निवासी सुनील वेद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर फॉर्म भरने की बात तो दूर, बीएलओ का अब तक न पहुँचना लोगों को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि रविवार तक कोई बीएलओ नहीं आता है तो वे जिला प्रशासन से इसकी शिकायत करेंगे।
इसी तरह, वार्ड छह के टीला मोड़ स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। यहाँ के डी-ब्लॉक के मतदाता चार बूथों पर वोट डालते हैं, जिनमें से दो बूथों के बीएलओ नियमित रूप से आ रहे हैं और स्थानीय आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि, बूथ संख्या 468 और 469 के बीएलओ अभी तक नहीं पहुंचे हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने बताया कि इन दोनों बूथों पर लगभग 200 से 250 मतदाता हैं, और उनके एसआईआर फॉर्म भरने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, जिससे उन्हें असुविधा हो रही है।
बीएलओ के सामने भी कुछ चुनौतियाँ हैं, जैसे कि एक ही इलाके के मतदाताओं का सूची में अलग-अलग जगहों पर दर्ज होना, जिससे उन्हें फॉर्म भरने के बाद उसी इलाके में दोबारा लौटना पड़ता है।
हालांकि, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 2 जैसे कुछ इलाकों में बीएलओ सक्रिय नजर आए। वहाँ सीमा मिश्रा नामक बीएलओ एसआईआर फॉर्म भरते और निवासियों को जागरूक करती दिखीं। पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष जुगल किशोर और पवन रेड्डी ने भी उनकी मदद की। जुगल किशोर का मानना है कि शालीमार गार्डन के ए, बी और सी ब्लॉक तथा शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 1 और 2 में बड़ी संख्या में मतदाता हैं, इसलिए बीएलओ की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और एसआईआर की समय सीमा का विस्तार किया जाना चाहिए।
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